दयालबागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
डॉ. धर्मपाल सिंह (JM) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 32.9% वोट पाकर दयालबाग सीट जीती और किशन लाल बघेल (BSP) को 2,949 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 340 जसराना थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 340 भाटपार रानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
दयालबाग का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,949 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
21 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. धर्मपाल सिंह JM | JM | 56,70832.9% |
| 2 | किशन लाल बघेल | 53,75931.2% | |
| 3 | च. उदय भान सिंह NDA | NDA | 28,44116.5% |
| 4 | विजय सिंह राणा | 16,7049.7% | |
| 5 | जयचन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6361.5% |
| 6 | जगदीश वर्मा UPA | UPA | 2,5971.5% |
| 7 | च. भीकम सिंह NDA | NDA | 1,9011.1% |
| 8 | बनारसी लाल आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6961.0% |
| 9 | पदम सिंह वर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6681.0% |
| 10 | प्रकाश बाबू RTKP | RTKP | 1,4970.9% |
| 11 | भंवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8950.5% |
| 12 | बलदेव निर्दलीय | निर्दलीय | 6970.4% |
| 13 | गंगाधर | 5840.3% | |
| 14 | अम्बेडकरी हशनूराम अम्बेडकरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5170.3% |
| 15 | कु शिवजी रघुवंशी निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.2% |
| 16 | पं पूरन चन्द BRKD | BRKD | 3770.2% |
| 17 | कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3570.2% |
| 18 | धनंजय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3490.2% |
| 19 | रामजी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.2% |
| 20 | उपेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.1% |
| 21 | विनोद कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.26 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दयालबाग से कौन जीता, 2002–2007
JM ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 52.7% से घटकर 42.4% रह गया।
- 2002सेठ किशन लाल बघेल (BSP), जीत का अंतर 8.1%
- 2007डॉ. धर्मपाल सिंह (JM), जीत का अंतर 1.7%