उरईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
विनोद चतुर्वेदी (INC) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 26.5% वोट पाकर उरई सीट जीती और सुरेश तिवारी (BSP) को 3,093 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 317 बबेरू थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 317 सिसवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। विनोद चतुर्वेदी 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विनोद चतुर्वेदी UPA | UPA | 38,98226.5% |
| 2 | सुरेश तिवारी | 35,88924.4% | |
| 3 | सुरेश कुमार निरंजन (भैयाजी) NDA | NDA | 35,13323.9% |
| 4 | सोहराब खान | 27,14418.4% | |
| 5 | चन्द्र प्रकाश नगराज | 4,0052.7% | |
| 6 | राजेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3610.9% |
| 7 | जितेन्द्र चौरसिया NDA | NDA | 1,2970.9% |
| 8 | संतोष कठेरिया CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 9370.6% |
| 9 | योगेन्द्र यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 6880.5% |
| 10 | हरि कृष्ण BJSH | BJSH | 6560.5% |
| 11 | ओम प्रकाश श्रीवास्तव निर्दलीय | निर्दलीय | 5440.4% |
| 12 | रविन्द्र कुमार द्विवेदी IJP | IJP | 5040.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 75% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.51 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उरई से कौन जीता, 2002–2007
INC ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 52.5% से घटकर 45.3% रह गया।
- 2002बाबू राम एम.का. (BJP), जीत का अंतर 1.2%
- 2007विनोद चतुर्वेदी (INC), जीत का अंतर 2.1%