गरौठाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
दीप नारायण सिंह (SP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर गरौठा सीट जीती और रंजीत सिंह जूदेव (INC) को 12,621 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 315 मानिकपुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 315 फरेन्दा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दीप नारायण सिंह समाजवादी गठबंधन | समाजवादी गठबंधन | 57,98141.3% |
| 2 | रंजीत सिंह जूदेव UPA | UPA | 45,36032.3% |
| 3 | उमा शंकर सिंह उर्फ़ उमा जखोली | 27,78019.8% | |
| 4 | रेखा पटेल AD | AD | 3,3442.4% |
| 5 | श्री प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5901.9% |
| 6 | बृजेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3691.0% |
| 7 | सुखदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0250.7% |
| 8 | शिवा राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8810.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गरौठा से कौन जीता, 2002–2007
SP ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 63.1% से घटकर 49.4% रह गया।
- 2002बृजेन्द्र कुमार व्यास दमदम महराज (BSP), जीत का अंतर 8.6%
- 2007दीप नारायण सिंह (SP), जीत का अंतर 9.0%