राठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
चौधरी धूराम लोधी (BSP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर राठ सीट जीती और श्री निवास बुधौलिया (SP) को 9,181 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 307 बिधूना थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 307 हर्रैया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चौधरी धूराम लोधी | 42,60135.5% | |
| 2 | श्री निवास बुधौलिया | 33,42027.8% | |
| 3 | प्रीतम सिंह NDA | NDA | 27,94223.3% |
| 4 | चौधरी राजेन्द्र सिंह UPA | UPA | 4,8904.1% |
| 5 | हरि शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0683.4% |
| 6 | रामपाल सिंह लोधी NLHP | NLHP | 3,3422.8% |
| 7 | नाथूराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0750.9% |
| 8 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 8200.7% |
| 9 | जागेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 4990.4% |
| 10 | राजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.3% |
| 11 | बालादीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3950.3% |
| 12 | दुलिचंद निर्दलीय | निर्दलीय | 3720.3% |
| 13 | प्रेम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3550.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राठ से कौन जीता, 2002–2007
BSP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 33.2% से बढ़कर 35.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 52.5% से घटकर 51.5% रह गया।
- 2002धूराम (BSP), जीत का अंतर 9.9%
- 2007चौधरी धूराम लोधी (BSP), जीत का अंतर 7.6%