मंझनपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
इन्द्रजीत सरोज (BSP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर मंझनपुर सीट जीती और सुरेश पासी (SP) को 27,363 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 263 चुनार थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 263 इलाहाबाद दक्षिण है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — इन्द्रजीत सरोज 22.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्रजीत सरोज | 57,89947.5% | |
| 2 | सुरेश पासी | 30,53625.1% | |
| 3 | पुष्पा देवी NDA | NDA | 18,80715.4% |
| 4 | अशोक कुमार UPA | UPA | 4,6333.8% |
| 5 | राम शिरोमणि अम्बेडकर निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1992.6% |
| 6 | महेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1821.8% |
| 7 | मोहन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4401.2% |
| 8 | नाथन लाल UPUDF | UPUDF | 8150.7% |
| 9 | श्रीचन्द्र RSBP | RSBP | 6970.6% |
| 10 | फूलचंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 6260.5% |
| 11 | कंचनलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.5% |
| 12 | छोटेलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.03 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मंझनपुर से कौन जीता, 2002–2007
BSP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 37.3% से बढ़कर 47.5% हो गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 51.6% से घटकर 44.1% रह गया।
- 2002इन्द्रजीत सरोज (BSP), जीत का अंतर 3.2%
- 2007इन्द्रजीत सरोज (BSP), जीत का अंतर 22.5%