कसयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
ब्रह्म शंकर (SP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 34.7% वोट पाकर कसया सीट जीती और सूर्य प्रताप (BJP) को 2,567 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 184 पिपराइच थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 184 जगदीशपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कसया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.7% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,567 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ब्रह्म शंकर समाजवादी गठबंधन | समाजवादी गठबंधन | 52,83134.7% |
| 2 | सूर्य प्रताप NDA | NDA | 50,26433.0% |
| 3 | राजेश पाण्डेय उर्फ़ गुड्डू पांड UPA | UPA | 20,79113.7% |
| 4 | रमाशंकर | 18,12911.9% | |
| 5 | लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4192.9% |
| 6 | अनुराग NLHP | NLHP | 1,6991.1% |
| 7 | अबूत लहर उर्फ़ नब्बू खान UPA | UPA | 1,5971.1% |
| 8 | अवधेश SBSP | SBSP | 1,4240.9% |
| 9 | पुंडेओ BRPP | BRPP | 1,0220.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कसया से कौन जीता, 2002–2007
SP ने 2002 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.8% से घटकर 34.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 2002 के 61.3% से घटकर 46.7% रह गया।
- 2002ब्रह्म शंकर त्रिपाठी (SP), जीत का अंतर 15.3%
- 2007ब्रह्म शंकर (SP), जीत का अंतर 1.7%