बलरामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2007
धीरेन्द्र प्रताप सिंह (BSP) ने 2007 के विधान सभा चुनाव में 24.4% वोट पाकर बलरामपुर सीट जीती और विनय कुमार पाण्डेय (विन्नू) (INC) को 1,911 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 140 सिद्धौर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 140 श्रीनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बलरामपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,911 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | धीरेन्द्र प्रताप सिंह | 25,18024.4% | |
| 2 | विनय कुमार पाण्डेय (विन्नू) UPA | UPA | 23,26922.6% |
| 3 | हनुमंत सिंह NDA | NDA | 22,18221.5% |
| 4 | गीता सिंह | 14,76414.3% | |
| 5 | ए. मन्नान IJP | IJP | 1,8941.8% |
| 6 | कु. प्रभाकर सिंह JM | JM | 1,6171.6% |
| 7 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5211.5% |
| 8 | ओंकार नाथ NDA | NDA | 1,4301.4% |
| 9 | ए. कदीर NLHP | NLHP | 1,0781.1% |
| 10 | सुधी राम SBSP | SBSP | 9480.9% |
| 11 | शिव प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 9350.9% |
| 12 | अजितेंद्र कुमार BJSH | BJSH | 7340.7% |
| 13 | अशफाक अहमद UPA | UPA | 7320.7% |
| 14 | प्रताप सिंह चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 7250.7% |
| 15 | ननकने निर्दलीय | निर्दलीय | 7240.7% |
| 16 | उग्रसेन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6890.7% |
| 17 | अच्छुतानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 6480.6% |
| 18 | विष्णु प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 6090.6% |
| 19 | अजीत प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.5% |
| 20 | विश्व प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4830.5% |
| 21 | अमित कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4420.4% |
| 22 | गुरु प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3940.4% |
| 23 | तेज बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.4% |
| 24 | उमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.3% |
| 25 | पृथ्वी नाथ MMUP | MMUP | 2890.3% |
| 26 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.3% |
| 27 | बृजेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2410.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 69% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.06 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बलरामपुर से कौन जीता, 2002–2007
BSP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 2002 में जीता था। मतदान प्रतिशत 2002 के 50.9% से घटकर 37.8% रह गया।
- 2002गीता सिंह (SP), जीत का अंतर 1.8%
- 2007धीरेन्द्र प्रताप सिंह (BSP), जीत का अंतर 1.9%