पुरवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
उदय राज (SP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 35.2% वोट पाकर पुरवा सीट जीती और हृदय नारायण दीक्षित (BJP) को 9,917 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 81 मिश्रिख थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 81 छाता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | उदय राज समाजवादी गठबंधन | समाजवादी गठबंधन | 48,83135.2% |
| 2 | हृदय नारायण दीक्षित NDA | NDA | 38,91428.0% |
| 3 | कृष्ण दत्त शुक्ला उर्फ़ भगोले भैया | 31,61522.8% | |
| 4 | मोहम्मद हारून खान RTKP | RTKP | 10,8637.8% |
| 5 | मिर्ज़ा समदयार बेग | 2,2021.6% | |
| 6 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1631.6% |
| 7 | राज बहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0591.5% |
| 8 | मैकू लाल AD | AD | 1,5501.1% |
| 9 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 5890.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुरवा से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में भी SP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 2002उदय राज (SP), जीत का अंतर 7.2%
- 2007उदय राज (SP), जीत का अंतर 3.0%