केराकतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2002
सोमारू राम सरोज (BJP) ने 2002 के विधान सभा चुनाव में 32.9% वोट पाकर केराकत सीट जीती और नन्द किशोर (BSP) को 961 वोटों से हराया।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 1996 में सीट नंबर 236 सैदपुर थी। 2007 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2012 से सीट नंबर 236 चित्रकूट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
केराकत का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 961 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमारू राम सरोज NDA | NDA | 41,78832.9% |
| 2 | नन्द किशोर | 40,82732.1% | |
| 3 | विजय कुमार सोनकर | 32,98926.0% | |
| 4 | डॉ. सोचन राम सोनकर | 4,8593.8% | |
| 5 | राम मूरत कनौजिया RTKP | RTKP | 3,6512.9% |
| 6 | बचाऊ राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7781.4% |
| 7 | जियालाल पासी AD | AD | 1,1180.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.55 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
केराकत से कौन जीता, 2002–2007
इसके बाद 2007 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 2002सोमारू राम सरोज (BJP), जीत का अंतर 0.8%
- 2007बिरजू राम (BSP), जीत का अंतर 8.8%