दिलदारनगरविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1998
सिंहासन (BJP) ने 1998 के विधान सभा उपचुनाव में 38.8% वोट पाकर दिलदारनगर सीट जीती और लल्लन (SP) को 9,961 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 231 दोआबा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 231 औराई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिंहासन | 34,73038.8% | |
| 2 | लल्लन | 24,76927.7% | |
| 3 | ब्रजेन्द्र कुमार उर्फ़ बल्लन राय | 21,25923.7% | |
| 4 | गुलाम मजहर | 6,8327.6% | |
| 5 | फरीद खान NLP | NLP | 1,0741.2% |
| 6 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5120.6% |
| 7 | बत्तू निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 8 | बद्धी निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 9 | मो. इसुफ़ उर्फ़ यूसुफ कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 10 | संजीव निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 11 | आनन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
दिलदारनगर से कौन जीता, 1974–1996
- 1974रामजी (BKD), जीत का अंतर 7.5%
- 1977अवधेश नारायण (JNP), जीत का अंतर 4.1%
- 1980राम हर्ष (INC(U)), जीत का अंतर 6.2%
- 1985अवधेश राय शास्त्री (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 1989ओम प्रकाश (JD), जीत का अंतर 7.3%
- 1991ओम प्रकाश (JP), जीत का अंतर 1.5%
- 1993ओम प्रकाश (SP), जीत का अंतर 23.6%
- 1996ओम प्रकाश (SP), जीत का अंतर 16.5%