उन्नावविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
दीपक कुमार (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 39.3% वोट पाकर उन्नाव सीट जीती और चन्द्र किशोर (BJP) को 9,972 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 94 बिछिया थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 94 सतांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दीपक कुमार संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 50,32639.3% |
| 2 | चन्द्र किशोर | 40,35431.5% | |
| 3 | बृज भूषण | 32,28625.2% | |
| 4 | राज कुमार | 1,5671.2% | |
| 5 | विजय बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3421.1% |
| 6 | पूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 5900.5% |
| 7 | रजनीश AIMF | AIMF | 5850.5% |
| 8 | बंशी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4480.3% |
| 9 | रमेश सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 10 | शिव कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2130.2% |
| 11 | नन्हा निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 12 | सुरेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उन्नाव से कौन जीता, 1974–1996
SP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.8% से घटकर 39.3% रह गया। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.8% से घटकर 46.1% रह गया।
- 1974शिव पाल सिंह (BKD), जीत का अंतर 1.9%
- 1977चन्द्र पाल सिंह (JNP), जीत का अंतर 23.3%
- 1980शिव पाल सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 2.2%
- 1985मनोहर लाल (LKD), जीत का अंतर 23.0%
- 1989मनोहर लाल (JD), जीत का अंतर 2.5%
- 1991शिव पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.8%
- 1993मनोहर लाल (SP), जीत का अंतर 3.8%
- 1996दीपक कुमार (SP), जीत का अंतर 7.8%