शाहाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बाबू खान (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 33.3% वोट पाकर शाहाबाद सीट जीती और गंगा भक्त सिंह (BJP) को 219 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 89 का नाम शाहाबाद था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 89 सरोजनी नगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
शाहाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 219 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बाबू खान संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 45,70633.3% |
| 2 | गंगा भक्त सिंह | 45,48733.1% | |
| 3 | राम औतार दीक्षित | 42,15230.7% | |
| 4 | रामेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4101.0% |
| 5 | प्रभु दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1900.9% |
| 6 | गंगा सागर निर्दलीय | निर्दलीय | 4240.3% |
| 7 | राकेश कुमार तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 4170.3% |
| 8 | महिपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.3% |
| 9 | अब्दुल सत्तार खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शाहाबाद से कौन जीता, 1974–1996
SP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.7% से घटकर 33.3% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.0% से बढ़कर 62.5% हो गया।
- 1974दाधीच सिंह (BJS), जीत का अंतर 1.6%
- 1977बृज बल्लभ सिंह (IND), जीत का अंतर 0.5%
- 1980राम औतार दीक्षित (INC(I)), जीत का अंतर 20.6%
- 1985राम औतार दीक्षित (INC), जीत का अंतर 1.5%
- 1989राम औतार दीक्षित (INC), जीत का अंतर 13.5%
- 1991बाबू खान (IND), जीत का अंतर 4.0%
- 1993बाबू खान (SP), जीत का अंतर 10.6%
- 1996बाबू खान (SP), जीत का अंतर 0.2%