पैलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
मोती लाल (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 27.2% वोट पाकर पैला सीट जीती और शशि बाला भारती (BJP) को 152 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 69 लखीमपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 69 अहिरोरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पैला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 152 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मोती लाल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 36,08127.2% |
| 2 | शशि बाला भारती | 35,92927.1% | |
| 3 | भोग नाथ पुष्कर | 33,41425.2% | |
| 4 | राम शरण संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 19,07514.4% |
| 5 | राम दुलारे निर्दलीय | निर्दलीय | 2,5741.9% |
| 6 | श्री राम BHJS | BHJS | 1,7141.3% |
| 7 | चुन्नू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5741.2% |
| 8 | गुरु बख्श SJP(R) | SJP(R) | 1,4261.1% |
| 9 | जवाहर लाल CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 7350.6% |
| 10 | राम वती निर्दलीय | निर्दलीय | 2170.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पैला से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 46.2% से बढ़कर 60.9% हो गया।
- 1974छेदा लाल चौधरी (INC), जीत का अंतर 13.3%
- 1977नंगा राम (JNP), जीत का अंतर 9.3%
- 1980छेदा लाल चौधरी (INC(I)), जीत का अंतर 11.3%
- 1985नंगाराम (LKD), जीत का अंतर 3.8%
- 1989छेदा लाल चौधरी (INC), जीत का अंतर 13.8%
- 1991राम सरन (JD), जीत का अंतर 2.5%
- 1993शशि बाला भारती (BJP), जीत का अंतर 4.3%
- 1996मोती लाल (SP), जीत का अंतर 0.1%