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उत्तर प्रदेश · विधान सभा सीट नंबर 5

पौड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

मोहन सिंह गांववासी (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 55.6% वोट पाकर पौड़ी सीट जीती और हरक सिंह रावत (JD) को 27,416 वोटों से हराया।

1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 5 एकेश्वर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 5 नजीबाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

मोहन सिंह गांववासी
BJP 55.6%JD 22.6%4 अन्य 21.7%
मिले वोट
46,232
मतों का 55.6%
जीत का अंतर
27,416
कुल वोटों का 33.0%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
50.1%
1,65,688 मतदाताओं में से

सुरक्षित अंतर से जीत — मोहन सिंह गांववासी 33.0% से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
मोहन सिंह गांववासी
46,23255.6%
2
हरक सिंह रावत
संयुक्त मोर्चा
संयुक्त मोर्चा
18,81622.6%
3
पृथ्वीपाल चौहान
14,58817.6%
4
मदन स्वरूप
UKKD
UKKD
1,8152.2%
5
सज्जन सिंह
निर्दलीय
निर्दलीय
1,0311.2%
6
दशरथ सिंह बिष्ट
निर्दलीय
निर्दलीय
6150.7%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
33.0%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
50%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

BJP, JD और INC को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.55

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
424 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 213

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
55.6%BJP की जीत
BJP 55.6%JD 22.6%INC 17.6%अन्य 4.2%

यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पौड़ी से कौन जीता, 1974–1996

BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1991 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.7% से बढ़कर 55.6% हो गया। यह 1974 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 47.2% से बढ़कर 50.1% हो गया।

  1. 1974भगवती चरण (INC), जीत का अंतर 45.5%
  2. 1977भगवती चरण निर्मोही (JNP), जीत का अंतर 16.9%
  3. 1980नरेन्द्र सिंह भंडारी (IND), जीत का अंतर 2.3%
  4. 1985पुष्कर सिंह (INC), जीत का अंतर 32.6%
  5. 1989नरेन्द्र सिंह भंडारी (JD), जीत का अंतर 0.8%
  6. 1991हरक सिंह (BJP), जीत का अंतर 16.4%
  7. 1993हरक सिंह रावत (BJP), जीत का अंतर 7.4%
  8. 1996मोहन सिंह गांववासी (BJP), जीत का अंतर 33.0%