थाना भवनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अमीर आलम खान (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 38.9% वोट पाकर थाना भवन सीट जीती और धर्म पाल सिंह (BJP) को 3,163 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 412 कैराना थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 412 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अमीर आलम खान 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अमीर आलम खान संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 60,93038.9% |
| 2 | धर्म पाल सिंह | 57,76736.9% | |
| 3 | चन्द सिंह कश्यप | 31,87820.4% | |
| 4 | श्री राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4560.9% |
| 5 | जगवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3680.9% |
| 6 | महेश निर्दलीय | निर्दलीय | 7980.5% |
| 7 | मनोज निर्दलीय | निर्दलीय | 7140.5% |
| 8 | कृष्ण पाल सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 5670.4% |
| 9 | बालेश्वर BHJS | BHJS | 4710.3% |
| 10 | गुलाम रसूल उर्फ़ नवाब मिन्या खान निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.2% |
| 11 | रिफाकत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 1090.1% |
| 12 | अजय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 13 | सतवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 420.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.03 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
थाना भवन से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 64.9% से बढ़कर 69.9% हो गया।
- 1974मलखान सिंह (INC), जीत का अंतर 2.3%
- 1977मूल चन्द (JNP), जीत का अंतर 5.0%
- 1980सोमांश प्रकाश (INC(I)), जीत का अंतर 21.4%
- 1985अमीर आलम खान (LKD), जीत का अंतर 1.6%
- 1989नकली सिंह (INC), जीत का अंतर 8.7%
- 1991सोमांश प्रकाश (JD), जीत का अंतर 8.0%
- 1993जगत सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.8%
- 1996अमीर आलम खान (SP), जीत का अंतर 2.0%