मैनपुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
माणिक चन्द यादव (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर मैनपुरी सीट जीती और नरेन्द्र सिंह (BJP) को 24,342 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 342 करहल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 342 आगरा पूर्व है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — माणिक चन्द यादव 17.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | माणिक चन्द यादव संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 64,97347.0% |
| 2 | नरेन्द्र सिंह | 40,63129.4% | |
| 3 | भागवत दास शाक्य | 32,09823.2% | |
| 4 | राजेन्द्र सिंह BHJS | BHJS | 3480.3% |
| 5 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.1% |
| 6 | सुरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 7 | अश्वनी कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 8 | देवेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और BSP को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मैनपुरी से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 52.2% से बढ़कर 56.5% हो गया।
- 1974बाबा राम नाथ (CPM), जीत का अंतर 7.9%
- 1977मलिखान सिंह (JNP), जीत का अंतर 14.6%
- 1980रघुवीर सिंह यादव (INC(I)), जीत का अंतर 15.4%
- 1985रघुबीर सिंह यादव (INC), जीत का अंतर 2.2%
- 1989इंदल सिंह चौहान (JD), जीत का अंतर 14.5%
- 1991नरेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.0%
- 1993नरेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 1996माणिक चन्द यादव (SP), जीत का अंतर 17.6%