उमर्दाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
कैलाश सिंह राजपूत (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 34.6% वोट पाकर उमर्दा सीट जीती और विजय बहादुर पाल (SP) को 1,759 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 309 इटावा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 309 महोबा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
उमर्दा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,759 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कैलाश सिंह राजपूत | 43,05234.6% | |
| 2 | विजय बहादुर पाल संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 41,29333.2% |
| 3 | सरनाम सिंह | 31,38425.2% | |
| 4 | चौधरी विजय सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 6,0774.9% |
| 5 | धनी राम BHJS | BHJS | 1,8451.5% |
| 6 | राम पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.2% |
| 7 | सिपाही लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2280.2% |
| 8 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.1% |
| 9 | रघुवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.38 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उमर्दा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1993 के 59.1% से घटकर 54.4% रह गया।
- 1974धर्मपाल सिंह (BJS), जीत का अंतर 5.7%
- 1977राम बख्श (JNP), जीत का अंतर 31.5%
- 1980कुंवर योगेन्द्र सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 9.0%
- 1985रामा नंदनी वर्मा (LKD), जीत का अंतर 4.0%
- 1989राम बख्श वर्मा (JD), जीत का अंतर 16.3%
- 1991अरविन्द प्रताप सिंह (JP), जीत का अंतर 3.7%
- 1993कुं. अरविंद्र प्रताप सिंह (SP), जीत का अंतर 0.2%
- 1996कैलाश सिंह राजपूत (BJP), जीत का अंतर 1.4%