औरैयाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
लाल सिंह वर्मा (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 34.0% वोट पाकर औरैया सीट जीती और चन्द्र भान सिंह काछी (BSP) को 1,519 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 301 राजपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 301 बबेरू है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
औरैया का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,519 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल सिंह वर्मा | 42,25934.0% | |
| 2 | चन्द्र भान सिंह काछी | 40,74032.8% | |
| 3 | रविन्द्र सिंह चौहान संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 38,10430.6% |
| 4 | अरविन्द कुमार शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0201.6% |
| 5 | राम कृष्ण BHJS | BHJS | 6240.5% |
| 6 | गोपाल स्वरूप गांधी ABBP | ABBP | 3140.3% |
| 7 | कौशल किशोर SJP(R) | SJP(R) | 1940.2% |
| 8 | श्याम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
औरैया से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.4% से घटकर 51.5% रह गया।
- 1974भारत सिंह चौहान (BKD), जीत का अंतर 3.4%
- 1977भारत सिंह चौहान (JNP), जीत का अंतर 10.5%
- 1980धनी राम वर्मा (JNP(SC)), जीत का अंतर 5.8%
- 1985कमलेश कुमार पटक (LKD), जीत का अंतर 2.3%
- 1989रविन्द्र सिंह चौहान (INC), जीत का अंतर 16.3%
- 1991इन्द्र पाल सिंह (JP), जीत का अंतर 3.1%
- 1993इन्द्र पाल सिंह (SP), जीत का अंतर 9.1%
- 1996लाल सिंह वर्मा (BJP), जीत का अंतर 1.2%