मड़ियाहूंविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
पारस नाथ यादव (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 38.7% वोट पाकर मड़ियाहूं सीट जीती और जगन्नाथ राव (BJP) को 11,518 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 251 कोलअसला थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 251 मेजा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पारस नाथ यादव संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 49,28038.7% |
| 2 | जगन्नाथ राव | 37,76229.6% | |
| 3 | कुंवर वीरेन्द्र प्रताप सिंह | 26,96421.1% | |
| 4 | हीरा लाल पटेल AD | AD | 11,2308.8% |
| 5 | बृज नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5700.5% |
| 6 | कान्ता BHJS | BHJS | 5520.4% |
| 7 | हंसराज निर्दलीय | निर्दलीय | 4520.3% |
| 8 | लोटन निर्दलीय | निर्दलीय | 3640.3% |
| 9 | पारस नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3070.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मड़ियाहूं से कौन जीता, 1974–1996
SP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.8% से घटकर 38.7% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.5% से घटकर 51.9% रह गया।
- 1974राज किशोर (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 1977राज किशोर (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1980सूर्य नाथ (INC(I)), जीत का अंतर 5.2%
- 1985दूध नाथ (LKD), जीत का अंतर 23.7%
- 1989सावित्री देवी (JD), जीत का अंतर 31.5%
- 1991किशोरी लाल (JD), जीत का अंतर 12.8%
- 1993सावित्री देवी (SP), जीत का अंतर 28.9%
- 1996पारस नाथ यादव (SP), जीत का अंतर 9.0%