मुंडेरा बाज़ारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बेचन राम (BJP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 31.5% वोट पाकर मुंडेरा बाज़ार सीट जीती और माधो प्रसाद (BSP) को 4,889 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 183 हैंसरबाज़ार थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 183 फ़ाज़िलनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बेचन राम 4.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बेचन राम | 36,93331.5% | |
| 2 | माधो प्रसाद | 32,04427.4% | |
| 3 | शारदा देवी संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 29,98625.6% |
| 4 | राम चन्द्र सोनकर AD | AD | 14,27712.2% |
| 5 | राम विजय BHJS | BHJS | 1,3361.1% |
| 6 | छेदी लाल SJP(R) | SJP(R) | 1,0390.9% |
| 7 | श्याम सुन्दर निर्दलीय | निर्दलीय | 6930.6% |
| 8 | महातम पासवान निर्दलीय | निर्दलीय | 5350.5% |
| 9 | इंदल निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.93 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मुंडेरा बाज़ार से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.5% से घटकर 31.5% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत लगभग 1993 जितना ही रहा: 49.2%।
- 1974फिरंगी प्रसाद (BKD), जीत का अंतर 12.1%
- 1977शारदा देवी (JNP), जीत का अंतर 29.7%
- 1980पन्ने लाल (INC(I)), जीत का अंतर 0.7%
- 1985शारदा देवी (LKD), जीत का अंतर 22.6%
- 1989शारदा देवी (JD), जीत का अंतर 20.8%
- 1991शारदा देवी (JD), जीत का अंतर 5.6%
- 1993बचन राम (BJP), जीत का अंतर 8.6%
- 1996बेचन राम (BJP), जीत का अंतर 4.2%