हैंसरबाज़ारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
लाल मणि प्रसाद (BSP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 27.7% वोट पाकर हैंसरबाज़ार सीट जीती और दशरथ प्रसाद (SP) को 1,907 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 178 बांसी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 178 नौरंगिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हैंसरबाज़ार का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,907 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | लाल मणि प्रसाद | 33,87327.7% | |
| 2 | दशरथ प्रसाद संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 31,96626.1% |
| 3 | जगदीश चौहान | 30,07024.6% | |
| 4 | शंखलाल माझी निर्दलीय | निर्दलीय | 13,58911.1% |
| 5 | राम मिलन निर्दलीय | निर्दलीय | 9,2417.5% |
| 6 | दशरथ BHJS | BHJS | 2,1071.7% |
| 7 | अम्बिका JP | JP | 9930.8% |
| 8 | राम आशीष निर्दलीय | निर्दलीय | 4090.3% |
| 9 | राम दास AD | AD | 2090.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 78% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हैंसरबाज़ार से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.4% से घटकर 27.7% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 54.6% से घटकर 50.5% रह गया।
- 1974भीष्म (BKD), जीत का अंतर 20.3%
- 1977भीष्म (JNP), जीत का अंतर 19.9%
- 1980गेंदा देवी (INC(I)), जीत का अंतर 8.3%
- 1985गेंदा देवी (INC), जीत का अंतर 20.6%
- 1989श्री राम चौहान (BJP), जीत का अंतर 10.6%
- 1991श्री राम चौहान (BJP), जीत का अंतर 2.3%
- 1993लाल मणि प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 11.6%
- 1996लाल मणि प्रसाद (BSP), जीत का अंतर 1.6%