चरदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
शब्बीर अहमद (SP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर चरदा सीट जीती और मालती देवी (BJP) को 24,385 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 150 महसी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 150 कप्तानगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — शब्बीर अहमद 21.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शब्बीर अहमद संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 55,01248.3% |
| 2 | मालती देवी | 30,62726.9% | |
| 3 | नज्जन बाल्मीकि | 18,86016.6% | |
| 4 | राम मिलन NDP | NDP | 2,3312.0% |
| 5 | ज़हूर BHJS | BHJS | 2,2261.9% |
| 6 | इंद्रावती निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6161.4% |
| 7 | प्रहलाद धोभी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1241.0% |
| 8 | काशीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 7520.7% |
| 9 | राम खिलावन AD | AD | 6530.6% |
| 10 | गिरधारी लाल बाल्मीकि निर्दलीय | निर्दलीय | 5100.5% |
| 11 | राम सूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और BSP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.00 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चरदा से कौन जीता, 1974–1996
SP ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.0% से बढ़कर 48.3% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 47.6% से बढ़कर 51.7% हो गया।
- 1974गजाधर प्रसाद आर्य (BJS), जीत का अंतर 10.2%
- 1977गजाधर प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 19.8%
- 1980देवी प्रसाद (INC(I)), जीत का अंतर 15.1%
- 1985त्रिभुवन प्रसाद (INC), जीत का अंतर 20.9%
- 1989देवी प्रसाद (JD), जीत का अंतर 10.9%
- 1991अछैबर लाल (BJP), जीत का अंतर 1.8%
- 1993शब्बीर अहमद (SP), जीत का अंतर 7.7%
- 1996शब्बीर अहमद (SP), जीत का अंतर 21.4%