मसौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
फ़रीद महफूज़ किदवई (BSP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 39.2% वोट पाकर मसौली सीट जीती और राकेश कुमार वर्मा (SP) को 7,594 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 142 सिद्धौर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 142 सादुल्लानगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.9% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | फ़रीद महफूज़ किदवई | 50,21739.2% | |
| 2 | राकेश कुमार वर्मा संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 42,62333.3% |
| 3 | हरिनाम सिंह | 31,99625.0% | |
| 4 | रमेश कुमार वर्मा BHJS | BHJS | 1,3871.1% |
| 5 | राम चरण JP | JP | 5570.4% |
| 6 | अमीन अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 4670.4% |
| 7 | रंजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.3% |
| 8 | उस्मान अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3350.3% |
| 9 | राम विलास निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.1% |
| 10 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मसौली से कौन जीता, 1974–1996
BSP ने यह सीट SP से छीन ली, जिसने इसे 1993 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BSP की पहली जीत थी। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1993 के 62.4% से घटकर 61.0% रह गया।
- 1974मोहसिना किदवई (INC), जीत का अंतर 11.6%
- 1977बेनी प्रसाद (JNP), जीत का अंतर 16.9%
- 1980रिजवानुर रहमान (INC(I)), जीत का अंतर 4.3%
- 1985बेनी प्रसाद (LKD), जीत का अंतर 6.1%
- 1989बेनी प्रसाद (JD), जीत का अंतर 11.8%
- 1991बेनी प्रसाद (JP), जीत का अंतर 11.7%
- 1993बेनी प्रसाद (SP), जीत का अंतर 15.8%
- 1996फ़रीद महफूज़ किदवई (BSP), जीत का अंतर 5.9%