राय बरेलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अखिलेश कुमार सिंह (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 62.2% वोट पाकर राय बरेली सीट जीती और संतोष कुमार मिश्र (BJP) को 61,253 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 109 का नाम राय बरेली था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 109 सुल्तानपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अखिलेश कुमार सिंह 44.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अखिलेश कुमार सिंह | 86,35862.2% | |
| 2 | संतोष कुमार मिश्र | 25,10518.1% | |
| 3 | जगन्नाथ सिंह संयुक्त मोर्चा | संयुक्त मोर्चा | 23,84617.2% |
| 4 | बलदेव BHJS | BHJS | 1,1120.8% |
| 5 | नीता पटेल AD | AD | 9190.7% |
| 6 | धनी राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6340.5% |
| 7 | रईस बाबा निर्दलीय | निर्दलीय | 4860.3% |
| 8 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BJP को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राय बरेली से कौन जीता, 1974–1996
INC ने 1993 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.7% से बढ़कर 62.2% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1993 के 58.3% से घटकर 51.1% रह गया।
- 1974सुनीता चौहान (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1977मोहन लाल त्रिपाठी (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1980रमेश चन्द्र (INC(I)), जीत का अंतर 39.7%
- 1985रमेश चन्द्र शुक्ला (INC), जीत का अंतर 8.1%
- 1989अशोक कुमार सिंह (JD), जीत का अंतर 5.8%
- 1991अशोक कुमार सिंह (JD), जीत का अंतर 9.2%
- 1993अखिलेश कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 27.4%
- 1996अखिलेश कुमार सिंह (INC), जीत का अंतर 44.1%