निघासनविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
निर्वेंद्र कुमार मुन्ना (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 34.1% वोट पाकर निघासन सीट जीती और राम चरण शाह (BJP) को 748 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 72 का नाम निघासन था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 72 पिहानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
निघासन का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 748 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्वेंद्र कुमार मुन्ना SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 47,39734.1% |
| 2 | राम चरण शाह | 46,64933.6% | |
| 3 | जोगेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 26,59719.1% |
| 4 | दरोगा सिंह | 11,4528.3% | |
| 5 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 8410.6% |
| 6 | कमल इदरीसी RSSD | RSSD | 5190.4% |
| 7 | मोती ला निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.3% |
| 8 | उत्तम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4290.3% |
| 9 | दिनेश ABBP | ABBP | 4230.3% |
| 10 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4070.3% |
| 11 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 4060.3% |
| 12 | अखिलेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 4000.3% |
| 13 | गुरजीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.3% |
| 14 | सरस्वती प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.3% |
| 15 | माधो | 3840.3% | |
| 16 | बिचित्र सिंह JP | JP | 3410.3% |
| 17 | पुत्तू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3090.2% |
| 18 | अखिलेश कुमार गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.2% |
| 19 | राधे श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 2060.1% |
| 20 | बाबू राम | 2020.1% | |
| 21 | मुन्ना लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 22 | कमल अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 23 | पूरन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 24 | श्रवण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 560.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
निघासन से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 46.3% से बढ़कर 55.9% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974रामचरण शाह (BJS), जीत का अंतर 11.0%
- 1977राम चरण शाह (JNP), जीत का अंतर 11.0%
- 1980सतीश अजमानी (INC(I)), जीत का अंतर 3.6%
- 1985सतीश अजमानी (INC), जीत का अंतर 18.5%
- 1989निर्वेंद्र कुमार (IND), जीत का अंतर 16.2%
- 1991निर्वेंद्र कुमार (IND), जीत का अंतर 1.5%
- 1993निर्वेंद्र कुमार मुन्ना (SP), जीत का अंतर 0.5%
- 1996राम कुमार वर्मा (BJP), जीत का अंतर 9.7%