लखीमपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राम गोपाल (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.3% वोट पाकर लखीमपुर सीट जीती और मुजफ्फर अली (SP) को 225 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 70 बांकेगंज थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 70 हरदोई है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
लखीमपुर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 225 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम गोपाल | 35,73029.3% | |
| 2 | मुजफ्फर अली समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 35,50529.1% |
| 3 | कौशल किशोर जनता दल | जनता दल | 28,99423.7% |
| 4 | कान्ति सिंह बिसेन | 16,23813.3% | |
| 5 | देश राज | 8820.7% | |
| 6 | कमलेश कुमारी निर्दलीय | निर्दलीय | 6700.6% |
| 7 | गुलाब निर्दलीय | निर्दलीय | 6400.5% |
| 8 | शिवा बालक सिंह वर्मा JP | JP | 5220.4% |
| 9 | कालिका निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.4% |
| 10 | चन्द्र भाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3850.3% |
| 11 | रमेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3410.3% |
| 12 | धर्मेन्द्र शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 2730.2% |
| 13 | प्यारे निर्दलीय | निर्दलीय | 2690.2% |
| 14 | रमेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2480.2% |
| 15 | रिजवान रशीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2200.2% |
| 16 | दिवाकर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.1% |
| 17 | प्रेम प्रकाश RSSD | RSSD | 1350.1% |
| 18 | गुरमीत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 19 | सतीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 20 | सत्य प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 21 | अमर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 22 | पंकज पुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 480.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
लखीमपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.2% से घटकर 29.3% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 44.8% से बढ़कर 57.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974तेज नारायण त्रिवेदी (INC), जीत का अंतर 13.3%
- 1977नरेश चन्द्र (JNP), जीत का अंतर 6.7%
- 1980जफर अली नक़वी (INC(I)), जीत का अंतर 15.5%
- 1985कान्ति सिंह विसेन (INC), जीत का अंतर 13.0%
- 1989जफर अली नक़वी (INC), जीत का अंतर 3.0%
- 1991राम गोपाल (BJP), जीत का अंतर 7.5%
- 1993राम गोपाल (BJP), जीत का अंतर 0.2%
- 1996कौशल किशोर (SP), जीत का अंतर 21.8%