फरीदपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
सिया राम सागर (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 53.9% वोट पाकर फरीदपुर सीट जीती और नन्द राम (BJP) को 18,597 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 50 का नाम फरीदपुर था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 50 शाहजहॉपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सिया राम सागर 18.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
16 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिया राम सागर SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 52,99653.9% |
| 2 | नन्द राम | 34,39935.0% | |
| 3 | नत्थू लाल विकल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,0814.2% |
| 4 | तारा चन्द बाल्मीकि | 2,5522.6% | |
| 5 | साधू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 9821.0% |
| 6 | काका जोगेन्द्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 6860.7% |
| 7 | राम भरोसे लाल | 6160.6% | |
| 8 | बांके लाल ICS | ICS | 4070.4% |
| 9 | नरेन्द्र प्रकाश वाम दल | वाम दल | 4010.4% |
| 10 | प्यारे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3220.3% |
| 11 | चन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2500.3% |
| 12 | गुरु प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 1640.2% |
| 13 | बनवारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 14 | श्री कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 15 | राम भरोसे लाल दिवाकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1220.1% |
| 16 | अशोक बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फरीदपुर से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 48.8% से बढ़कर 53.7% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी SP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974हेम राज (BKD), जीत का अंतर 4.7%
- 1977सिया राम सागर (JNP), जीत का अंतर 7.9%
- 1980नन्द राम (BJP), जीत का अंतर 8.2%
- 1985नाथू लाल विकल (INC), जीत का अंतर 11.9%
- 1989सियाराम सागर (IND), जीत का अंतर 2.6%
- 1991नन्द राम (BJP), जीत का अंतर 4.6%
- 1993सिया राम सागर (SP), जीत का अंतर 18.9%
- 1996नन्द राम (SP), जीत का अंतर 22.0%