हरिद्वारविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
जगदीश मुनि (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर हरिद्वार सीट जीती और अम्बरीश कुमार (JD) को 15,087 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 422 लक्सर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से कोई सीट नंबर 422 नहीं है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगदीश मुनि | 59,96940.2% | |
| 2 | अम्बरीश कुमार जनता दल | जनता दल | 44,88230.1% |
| 3 | विकाश चौधरी | 22,87915.3% | |
| 4 | इसरत अली अंसारी | 16,58311.1% | |
| 5 | श्याम लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6720.5% |
| 6 | अनिल कुमार BRED | BRED | 4990.3% |
| 7 | शरीफ अहमद अंसारी UKD | UKD | 4780.3% |
| 8 | नन्द किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.3% |
| 9 | राकेश नागर निर्दलीय | निर्दलीय | 3010.2% |
| 10 | मनमोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.2% |
| 11 | भुवनेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.1% |
| 12 | भीष्मानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.1% |
| 13 | साधू राम | 1990.1% | |
| 14 | महेन्द्र सिंह कल्लू निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.1% |
| 15 | विजय कुमार सक्सेना निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
| 16 | शीश राम | 1640.1% | |
| 17 | नेम पाल ABSR | ABSR | 1450.1% |
| 18 | औरंगजेब निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
| 19 | स्वामी कमलेश गिरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 20 | संतोष निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 21 | सुशीला निर्दलीय | निर्दलीय | 850.1% |
| 22 | विकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 23 | विपिन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 640.0% |
| 24 | शिव नन्दन निर्दलीय | निर्दलीय | 630.0% |
| 25 | शिवाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 600.0% |
| 26 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 590.0% |
| 27 | सब्ज काली निर्दलीय | निर्दलीय | 540.0% |
| 28 | राजेन्द्र स्वरूप शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 450.0% |
| 29 | सोहनलाल निरंकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 240.0% |
| 30 | सोम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हरिद्वार से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 42.6% से घटकर 40.2% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 57.7% से बढ़कर 68.6% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राजेन्द्र कुमार गर्ग (CPI), जीत का अंतर 5.7%
- 1977राज कुमार शर्मा (JNP), जीत का अंतर 28.9%
- 1980राम यस सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 5.7%
- 1985महावीर सिंह राणा (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1989वीरेन्द्र सिंह (JD), जीत का अंतर 3.7%
- 1991जगदीश मुनि (BJP), जीत का अंतर 8.5%
- 1993जगदीश मुनि (BJP), जीत का अंतर 10.1%
- 1996अम्बरीश कुमार (SP), जीत का अंतर 8.0%