बरनावाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
त्रिपाल सिंह धामा (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 30.2% वोट पाकर बरनावा सीट जीती और सतेन्द्र सोलंकी (JD) को 187 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 402 रोहटा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 402 सहारनपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बरनावा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 187 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | त्रिपाल सिंह धामा | 34,54330.2% | |
| 2 | सतेन्द्र सोलंकी जनता दल | जनता दल | 34,35630.1% |
| 3 | सुधीर कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 23,85120.9% |
| 4 | राम कुमार सिंह | 12,93211.3% | |
| 5 | मुरली सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 6,2125.4% |
| 6 | शहाबुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3920.3% |
| 7 | ब्रहम सिंह राणा JP | JP | 3660.3% |
| 8 | बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 9 | सतेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 10 | नरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 11 | अमर सिंह कश्यप ABLP | ABLP | 1710.1% |
| 12 | काका जोगिंद्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 13 | सुनील | 1100.1% | |
| 14 | ओम प्रकाश धामा निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 15 | सरफराज BMSM | BMSM | 720.1% |
| 16 | मूल चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 610.1% |
| 17 | कटार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
| 18 | रामनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 440.0% |
| 19 | गजेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 20 | पीतम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 21 | रामवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 22 | महिपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
| 23 | हरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 350.0% |
| 24 | महक सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 340.0% |
| 25 | वेद पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 26 | जितेंद्र निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
| 27 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 28 | गिम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 250.0% |
| 29 | वीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बरनावा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 52.6% से बढ़कर 57.2% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BKKGP ने जीती।
- 1974धर्म वीर सिंह (BKD), जीत का अंतर 12.1%
- 1977धर्म वीर सिंह (JNP), जीत का अंतर 35.1%
- 1980धर्मवीर सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 11.4%
- 1985भोपाल सिंह (LKD), जीत का अंतर 6.0%
- 1989भोपाल सिंह (JD), जीत का अंतर 44.7%
- 1991कटार सिंह (JD), जीत का अंतर 33.3%
- 1993त्रिपाल सिंह धामा (BJP), जीत का अंतर 0.2%
- 1996समर पाल सिंह (BKKGP), जीत का अंतर 9.5%