गढ़मुक्तेश्वरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
कृष्णवीर सिंह सिरोही (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.2% वोट पाकर गढ़मुक्तेश्वर सीट जीती और अखतर (INC) को 13,662 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 392 मुरादनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 392 मुजफ्फरनगर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कृष्णवीर सिंह सिरोही | 44,98336.2% | |
| 2 | अखतर | 31,32125.2% | |
| 3 | कनक सिंह जनता दल | जनता दल | 22,33317.9% |
| 4 | शीश पाल समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 11,1439.0% |
| 5 | कुंवर पाल सिंह निमेष निर्दलीय | निर्दलीय | 10,0788.1% |
| 6 | रमेश पाल | 7090.6% | |
| 7 | रवि दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 5870.5% |
| 8 | कर्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.3% |
| 9 | शौक़त अली BRP | BRP | 3570.3% |
| 10 | महेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 11 | संजय त्यागी निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.2% |
| 12 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.2% |
| 13 | अनिल कुमार पुत्र उदयवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 14 | मो. उमर निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 15 | मुस्ताक निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.1% |
| 16 | खेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 17 | कृष्णवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 1300.1% |
| 18 | काका जोगेन्द्र सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 19 | फारुख खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 20 | अनिल कुमार पुत्र हरिकिशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 21 | दविंद्र | 1190.1% | |
| 22 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 960.1% |
| 23 | अनवर | 950.1% | |
| 24 | अखलाख वाम दल | वाम दल | 870.1% |
| 25 | बालक राम निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 26 | मो. जाफर निर्दलीय | निर्दलीय | 760.1% |
| 27 | हरि सिंह आजाद ABLP | ABLP | 630.1% |
| 28 | फतेह सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 460.0% |
| 29 | फारुख निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 30 | गिरराज निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गढ़मुक्तेश्वर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 25.0% से बढ़कर 36.2% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 52.5% से बढ़कर 62.2% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974मंजूर अहमद पुत्र बशीर अहमद (INC), जीत का अंतर 7.8%
- 1977सखावत हुसैन (JNP), जीत का अंतर 21.9%
- 1980कु. वीरेन्द्र सिंह धना (INC(I)), जीत का अंतर 1.8%
- 1985कनक सिंह (LKD), जीत का अंतर 5.6%
- 1989अखतर (INC), जीत का अंतर 2.4%
- 1991कृष्ण वीर सिंह सिरोही (BJP), जीत का अंतर 2.2%
- 1993कृष्णवीर सिंह सिरोही (BJP), जीत का अंतर 11.0%
- 1996राम नरेश (BJP), जीत का अंतर 11.4%