अगोताविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
किरण पाल (JD) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 39.5% वोट पाकर अगोता सीट जीती और वीरेन्द्र सिंह (BJP) को 5,334 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 383 छतारी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 383 सिवालखास है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। किरण पाल 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किरण पाल जनता दल | जनता दल | 44,74139.5% |
| 2 | वीरेन्द्र सिंह | 39,40734.8% | |
| 3 | सोमेश्वर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 20,12917.8% |
| 4 | धीरज सिंह | 3,4233.0% | |
| 5 | इश्तहार अली चौहान निर्दलीय | निर्दलीय | 8110.7% |
| 6 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7430.7% |
| 7 | राज कुमार BRP | BRP | 6920.6% |
| 8 | जुगेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5810.5% |
| 9 | धर्म पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5420.5% |
| 10 | रमेश चन्द्र | 3350.3% | |
| 11 | वीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.3% |
| 12 | श्री पाल | 2560.2% | |
| 13 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 2530.2% |
| 14 | बसंत कुमार JP | JP | 2240.2% |
| 15 | अशोक निर्दलीय | निर्दलीय | 1790.2% |
| 16 | वारिस निर्दलीय | निर्दलीय | 1270.1% |
| 17 | मो. तालिब निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 18 | हरीश चन्द्र लोधी निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 19 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 940.1% |
| 20 | नूर मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 21 | मणि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 22 | परमानन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 510.1% |
| 23 | नसीम निर्दलीय | निर्दलीय | 280.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अगोता से कौन जीता, 1974–1996
JD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 65.8% से घटकर 39.5% रह गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 51.9% से बढ़कर 56.0% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।