हाथरसविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राजवीर सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 25.5% वोट पाकर हाथरस सीट जीती और हिलाल कुरैशी (BSP) को 748 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 368 मांट थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 368 बुलंदशहर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
हाथरस का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 748 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
23 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राजवीर सिंह | 29,89625.5% | |
| 2 | हिलाल कुरैशी | 29,14824.8% | |
| 3 | रामवीर उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 24,81821.1% |
| 4 | धर्मवीर सिंह जनता दल | जनता दल | 22,13618.9% |
| 5 | कृष्ण गोपाल शर्मा | 4,9154.2% | |
| 6 | गोपाल | 2,3152.0% | |
| 7 | श्रीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1711.0% |
| 8 | वीरी सिंह | 4680.4% | |
| 9 | सुशील कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 3540.3% |
| 10 | भोजराज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2800.2% |
| 11 | किरण निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.2% |
| 12 | सुशील निर्दलीय | निर्दलीय | 2440.2% |
| 13 | विनोद निर्दलीय | निर्दलीय | 1990.2% |
| 14 | मदनलाल वार्ष्णेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1970.2% |
| 15 | नेकराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 16 | बाबू सिंह JP | JP | 1590.1% |
| 17 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 18 | राम खिलाड़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 19 | जगदीश निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 20 | राजबहादुर निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 21 | अक्रश्न कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 22 | कृष्ण कुमार कौशिक निर्दलीय | निर्दलीय | 570.1% |
| 23 | प्रदीप कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 470.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.78 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हाथरस से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 48.6% से बढ़कर 56.4% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974नारायण हरि शर्मा (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1977राम सरन सिंह (JNP), जीत का अंतर 0.9%
- 1980सूरज भान (JNP(SR)), जीत का अंतर 5.1%
- 1985नारायण हरि शर्मा (INC), जीत का अंतर 8.2%
- 1989राम सरन सिंह (JD), जीत का अंतर 25.9%
- 1991राम सरन सिंह (JD), जीत का अंतर 8.1%
- 1993राजवीर सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.6%
- 1996राम वीर उपाध्याय (BSP), जीत का अंतर 23.1%