सादाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
विशंभर सिंह (JD) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर सादाबाद सीट जीती और भूप सिंह (SP) को 427 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 367 छाता थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 367 अगोता है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सादाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 427 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | विशंभर सिंह जनता दल | जनता दल | 31,12129.9% |
| 2 | भूप सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 30,69429.5% |
| 3 | ब्रजेन्द्र सिंह | 28,74627.6% | |
| 4 | कालीचरण | 9,0238.7% | |
| 5 | देवेन्द्र शाह JP | JP | 2,3672.3% |
| 6 | रवि मोहम्मद निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 7 | माजिद निर्दलीय | निर्दलीय | 1850.2% |
| 8 | मुकेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 9 | विशम्भर निर्दलीय | निर्दलीय | 1460.1% |
| 10 | निहाल सिंह | 1320.1% | |
| 11 | अरविन्द कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 12 | रमन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 13 | दिगंबर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1170.1% |
| 14 | अखिलेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 15 | कैलाश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 900.1% |
| 16 | जमील बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 17 | बलवीर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 790.1% |
| 18 | निरंजन निर्दलीय | निर्दलीय | 780.1% |
| 19 | महेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 20 | रविन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 630.1% |
| 21 | कमल निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
| 22 | सुरेन्द्र पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 500.1% |
| 23 | धर्मवीर निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 24 | यतेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
| 25 | राजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 26 | नासिर अली निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 27 | राजन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सादाबाद से कौन जीता, 1974–1996
JD ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; JD ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 44.4% से बढ़कर 52.8% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974राम प्रकाश (BKD), जीत का अंतर 26.3%
- 1977एच.सी. तिवारी (JNP), जीत का अंतर 33.5%
- 1980जावेद अली (INC(I)), जीत का अंतर 12.5%
- 1985मुस्तमंद अली खान (LKD), जीत का अंतर 33.0%
- 1989मुस्तेमंद अली खान (JD), जीत का अंतर 39.8%
- 1991विजेन्द्र सिंह (BJP), जीत का अंतर 6.2%
- 1993विशंभर सिंह (JD), जीत का अंतर 0.4%
- 1996विशम्भर सिंह (BJP), जीत का अंतर 4.3%