गोकुलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
प्रनत पाल सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.1% वोट पाकर गोकुल सीट जीती और सरदार सिंह (SP) को 7,854 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 366 मथुरा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 366 स्याना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.6% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रनत पाल सिंह | 29,99929.1% | |
| 2 | सरदार सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 22,14521.5% |
| 3 | लक्ष्मी नारायण चौधरी जनता दल | जनता दल | 19,69819.1% |
| 4 | नवाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 14,77214.3% |
| 5 | दरियाब सिंह पुत्र भोप सिंह | 5,1995.0% | |
| 6 | तोता | 2,9612.9% | |
| 7 | अरविन्द कुमार शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4382.4% |
| 8 | मदन सिंह | 1,6951.6% | |
| 9 | रूद्र प्रकाश | 1,1931.2% | |
| 10 | हरि ओम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4640.5% |
| 11 | राम स्वरूप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.4% |
| 12 | विजय निर्दलीय | निर्दलीय | 3100.3% |
| 13 | तारा चन्द शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 3030.3% |
| 14 | भीखी सिंह JP | JP | 2210.2% |
| 15 | निरंजन निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 16 | ओंकार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 17 | हरवंश | 1190.1% | |
| 18 | प्रेम चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 19 | बनवारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 20 | दरियाब सिंह पुत्र भीष्म निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
| 21 | राम कुमार उपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 22 | शंभू उर्फ़ शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 23 | कैलाश बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 24 | गोपाल प्रसाद RRP(V) | RRP(V) | 760.1% |
| 25 | नरेन्द्र सिंह वैदिक | 750.1% | |
| 26 | गोवेश निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 70% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.20 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गोकुल से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 46.2% से बढ़कर 51.5% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974गायत्री देवी (BKD), जीत का अंतर 19.2%
- 1977ओंकार सिंह (JNP), जीत का अंतर 47.9%
- 1980सरदार सिंह (JNP(SC)), जीत का अंतर 27.6%
- 1985सरदार सिंह (LKD), जीत का अंतर 37.9%
- 1989सरदार सिंह (JD), जीत का अंतर 14.6%
- 1991नवाव सिंह (JD), जीत का अंतर 1.7%
- 1993प्रनत पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 7.6%
- 1996सरदार सिंह (BSP), जीत का अंतर 0.6%