सोरोंविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
ओंकार सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 29.9% वोट पाकर सोरों सीट जीती और सिया राम (BSP) को 10,784 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 346 मैनपुरी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 346 गोवर्धन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
30 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ओंकार सिंह | 29,79629.9% | |
| 2 | सिया राम | 19,01219.1% | |
| 3 | बिरकम सिंह जनता दल | जनता दल | 12,10612.1% |
| 4 | उर्मिला अग्निहोत्री | 8,5248.6% | |
| 5 | मणि राम मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 8,0228.0% |
| 6 | चन्द्र पाल वार्ष्णेय निर्दलीय | निर्दलीय | 6,4136.4% |
| 7 | ब्रज पाल सिंह वाम दल | वाम दल | 5,7805.8% |
| 8 | महेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4522.5% |
| 9 | राम सिंह | 1,6701.7% | |
| 10 | ए. गफूर खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2061.2% |
| 11 | रूम सिंह | 7960.8% | |
| 12 | मेवा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 6680.7% |
| 13 | नत्थू सिंह बघेल निर्दलीय | निर्दलीय | 4470.5% |
| 14 | नारायण भाष्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 3930.4% |
| 15 | रामौतार निर्दलीय | निर्दलीय | 3790.4% |
| 16 | कुमार पाल | 3200.3% | |
| 17 | सुभाष चन्द्र पुत्र जगदीश प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2290.2% |
| 18 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1750.2% |
| 19 | सुभाष चन्द्र पुत्र प्रसादी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 20 | ख़ैलुद्दीन खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 21 | श्री कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.1% |
| 22 | महेन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 23 | राजवीर सिंह | 1320.1% | |
| 24 | किरोड़ी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 25 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1150.1% |
| 26 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 27 | शांति देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
| 28 | लोकेन्द्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 620.1% |
| 29 | पुष्पेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 30 | चुन्नी निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 6.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सोरों से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1989 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 34.4% से घटकर 29.9% रह गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 49.8% से बढ़कर 58.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974खूब चन्द (BKD), जीत का अंतर 1.6%
- 1977राम प्रताप (JNP), जीत का अंतर 8.2%
- 1980उर्मिला अग्निहोत्री (INC(I)), जीत का अंतर 11.7%
- 1985उर्मिला अग्निहोत्री (INC), जीत का अंतर 34.5%
- 1989ओमकार सिंह (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 1991ओंकार सिंह (BJP), जीत का अंतर 13.7%
- 1993ओंकार सिंह (BJP), जीत का अंतर 10.8%
- 1996ओमकार (BJP), जीत का अंतर 8.6%