बिधूनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
दाणी राम वर्मा (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर बिधूना सीट जीती और औसान सिंह (BJP) को 2,243 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 307 अजीतमल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 307 राठ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
बिधूना का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,243 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
19 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | दाणी राम वर्मा SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 50,75841.3% |
| 2 | औसान सिंह | 48,51539.5% | |
| 3 | गौरे लाल शाक्य | 18,40315.0% | |
| 4 | राम औतार निर्दलीय | निर्दलीय | 9680.8% |
| 5 | श्याम बिहारी | 9340.8% | |
| 6 | गोविन्द प्रताप सिंह उर्फ़ गुड्डू ABBP | ABBP | 5490.5% |
| 7 | नरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4560.4% |
| 8 | राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3590.3% |
| 9 | कृष्ण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.2% |
| 10 | राम कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.2% |
| 11 | प्रदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
| 12 | उदय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1880.1% |
| 13 | संतोष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.1% |
| 14 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.1% |
| 15 | हरि राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.1% |
| 16 | आनन्द माधव निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.1% |
| 17 | महेश चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.1% |
| 18 | आदित्य निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
| 19 | चन्द्र शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 710.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिधूना से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट JP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 48.7% से बढ़कर 60.9% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी SP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974गजेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 7.6%
- 1977असुआन सिंह (JNP), जीत का अंतर 31.7%
- 1980गजेन्द्र सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 5.1%
- 1985औसान सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.8%
- 1989धनीराम वर्मा (JD), जीत का अंतर 10.6%
- 1991धनी राम वर्मा (JP), जीत का अंतर 7.1%
- 1993दाणी राम वर्मा (SP), जीत का अंतर 1.8%
- 1996धनी राम वर्मा (SP), जीत का अंतर 11.0%