कांठविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
महबूब अली (JP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 25.7% वोट पाकर कांठ सीट जीती और ठाकुर पाल सिंह (BJP) को 1,476 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 24 चांदपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 24 बिसौली है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कांठ का फ़ैसला सिर्फ़ 1.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,476 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महबूब अली JP | JP | 31,49825.7% |
| 2 | ठाकुर पाल सिंह | 30,02224.5% | |
| 3 | राजेश कुमार जनता दल | जनता दल | 27,60022.5% |
| 4 | चन्द्र पाल सिंह समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 16,59313.5% |
| 5 | लाल सिंह BRP | BRP | 4,4473.6% |
| 6 | रमेश चन्द्र रामहत | 3,9243.2% | |
| 7 | ऋषि पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1612.6% |
| 8 | प्रमोद कुमार इलियास पप्पू निर्दलीय | निर्दलीय | 7010.6% |
| 9 | तुला राम सैनी निर्दलीय | निर्दलीय | 6830.6% |
| 10 | कुलदीप निर्दलीय | निर्दलीय | 5090.4% |
| 11 | महमूद अली निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.4% |
| 12 | गजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.4% |
| 13 | गुलाब सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.3% |
| 14 | नसीम अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.3% |
| 15 | करण सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3080.3% |
| 16 | कलीम अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 17 | कय्यूम अली सैफ़ी निर्दलीय | निर्दलीय | 1860.1% |
| 18 | रूपेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.1% |
| 19 | कफील अहमद खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1400.1% |
| 20 | जाओपाल सिंह (डेड) निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 21 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 22 | बाल कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 23 | राजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1180.1% |
| 24 | काका जोगिंदरा सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 800.1% |
| 25 | गिरवर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 26 | मुजफ्फर निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 27 | राम स्वरूप निर्दलीय | निर्दलीय | 480.0% |
| 28 | याकूब निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 73% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांठ से कौन जीता, 1974–1996
JP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह JP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 56.2% से बढ़कर 61.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974चन्द्र पाल सिंह (BKD), जीत का अंतर 11.5%
- 1977हरगोविन्द सिंह (JNP), जीत का अंतर 4.8%
- 1980राम किशन (INC(U)), जीत का अंतर 10.6%
- 1985समर पाल सिंह (INC), जीत का अंतर 14.7%
- 1989चन्द्र पाल सिंह (JD), जीत का अंतर 11.8%
- 1991ठाकुर पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1993महबूब अली (JP), जीत का अंतर 1.2%
- 1996राजेश कुमार उर्फ़ चुन्नू (BJP), जीत का अंतर 7.8%