बिजनौरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
महेन्द्र पाल सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.3% वोट पाकर बिजनौर सीट जीती और सुखवीर सिंह पुत्र करण सिंह (JD) को 11,608 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 22 नज़ीबाबाद थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 22 बिलासपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | महेन्द्र पाल सिंह | 52,33836.3% | |
| 2 | सुखवीर सिंह पुत्र करण सिंह जनता दल | जनता दल | 40,73028.2% |
| 3 | गजफ्फर अली खान | 38,03026.4% | |
| 4 | अज़ीज़ुर रेहमान | 5,0143.5% | |
| 5 | प्रभा देवी | 2,2591.6% | |
| 6 | घनश्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4941.0% |
| 7 | हेमेन्द्र चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 5590.4% |
| 8 | सुखवीर पुत्र सरनाम निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.3% |
| 9 | कालू निर्दलीय | निर्दलीय | 3700.3% |
| 10 | रमेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.2% |
| 11 | मुकंदी निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.2% |
| 12 | धीरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2490.2% |
| 13 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 2460.2% |
| 14 | आर. सी. पथिक निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.2% |
| 15 | सुमेर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2190.1% |
| 16 | गोपी राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2010.1% |
| 17 | बुंडू खान निर्दलीय | निर्दलीय | 1870.1% |
| 18 | राकेश | 1790.1% | |
| 19 | हरपाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.1% |
| 20 | रामवती देवी पूषण निर्दलीय | निर्दलीय | 1660.1% |
| 21 | राजबल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 22 | संत राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1350.1% |
| 23 | यशपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1140.1% |
| 24 | राम रतन निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 25 | ज्योति कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 510.0% |
| 26 | मीना खान निर्दलीय | निर्दलीय | 510.0% |
| 27 | अजय पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 400.0% |
| 28 | तौहीद अहमद | 250.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.54 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बिजनौर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.3% से घटकर 36.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 65.2% से बढ़कर 66.4% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974अज़ीज़ुर रहमान (INC), जीत का अंतर 15.0%
- 1977कुंवर सत्य वीर (JNP), जीत का अंतर 30.9%
- 1980अज़ीज़ुर रहमान (INC(I)), जीत का अंतर 19.3%
- 1985अज़ीज़ुर रहमान (INC), जीत का अंतर 4.0%
- 1989सुखवीर सिंह (JD), जीत का अंतर 0.5%
- 1991महेन्द्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 12.5%
- 1993महेन्द्र पाल सिंह (BJP), जीत का अंतर 8.1%
- 1996राजा गजफ्फर (BSP), जीत का अंतर 15.6%