पनियराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गणपत सिंह (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 30.1% वोट पाकर पनियरा सीट जीती और परशुराम पुत्र हरिबंश (JD) को 6,494 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 188 झंगहा थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 188 भाटपार रानी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
26 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणपत सिंह | 36,79230.1% | |
| 2 | परशुराम पुत्र हरिबंश जनता दल | जनता दल | 30,29824.8% |
| 3 | फतेह बहादुर | 30,09424.6% | |
| 4 | सुरेश समाजवादी पार्टी | समाजवादी पार्टी | 10,2698.4% |
| 5 | ध्रुव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 6,5545.4% |
| 6 | फेराई निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2101.0% |
| 7 | प्रेम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0330.8% |
| 8 | लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 8390.7% |
| 9 | परशुराम पुत्र राजेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 5760.5% |
| 10 | परशुराम पुत्र लक्ष्मी नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3840.3% |
| 11 | मंगल लाल JP | JP | 3810.3% |
| 12 | राम बचन | 3790.3% | |
| 13 | शम्भू निर्दलीय | निर्दलीय | 3590.3% |
| 14 | वीरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3470.3% |
| 15 | राम वेलास निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 16 | अवध नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3260.3% |
| 17 | श्याम लाल दुसाध निर्दलीय | निर्दलीय | 3190.3% |
| 18 | बरकत अली निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 19 | भानु प्रताप मिश्रा | 2770.2% | |
| 20 | बृज किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 2700.2% |
| 21 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2210.2% |
| 22 | गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.1% |
| 23 | सीता राम BKD(J) | BKD(J) | 1480.1% |
| 24 | सामराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
| 25 | जय प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.1% |
| 26 | ब्रह्मानंद यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.48 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पनियरा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 53.6% से बढ़कर 59.9% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974बीर बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 6.2%
- 1977गुंजेश्वर (IND), जीत का अंतर 25.4%
- 1980बीर बहादुर सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 7.6%
- 1985बीर बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 43.8%
- 1989गणपत सिंह (IND), जीत का अंतर 19.7%
- 1991फतेह बहादुर सिंह (INC), जीत का अंतर 24.0%
- 1993गणपत सिंह (BJP), जीत का अंतर 5.3%
- 1996फतेह बहादुर (INC), जीत का अंतर 2.3%