कौड़ीरामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
अम्बिका सिंह (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 21.4% वोट पाकर कौड़ीराम सीट जीती और गौरी देवी (JD) को 2,133 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 182 खलीलाबाद थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 182 सेवरही है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
कौड़ीराम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,133 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
29 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अम्बिका सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 25,47221.4% |
| 2 | गौरी देवी जनता दल | जनता दल | 23,33919.6% |
| 3 | रमापति राम त्रिपाठी | 22,28418.7% | |
| 4 | दुर्गा प्रसाद यादव | 21,37217.9% | |
| 5 | लाल चन्द निषाद | 19,26816.1% | |
| 6 | राजेश कुमार त्रिपाठी उर्फ़ ताईबाबा | 8120.7% | |
| 7 | सरस्वती देवी | 6720.6% | |
| 8 | रामानंद निर्दलीय | निर्दलीय | 6120.5% |
| 9 | लाल बचन निर्दलीय | निर्दलीय | 6010.5% |
| 10 | सुनील JP | JP | 5460.5% |
| 11 | हीरा लाल मौर्य उर्फ़ हीरा निर्दलीय | निर्दलीय | 5380.5% |
| 12 | प्रभा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4050.3% |
| 13 | छोटू निर्दलीय | निर्दलीय | 3130.3% |
| 14 | कौशल्या निर्दलीय | निर्दलीय | 2910.2% |
| 15 | प्रेम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 2890.2% |
| 16 | योगेन्द्र प्रताप आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.2% |
| 17 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.2% |
| 18 | अछैबर निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.2% |
| 19 | राम कवल शर्मा BKD(J) | BKD(J) | 2420.2% |
| 20 | शंकर दयाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2240.2% |
| 21 | सोम नाथ शुक्ला आचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2160.2% |
| 22 | बाबू लाल निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.2% |
| 23 | शभू नाथ पाण्डेय निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 24 | राम नेवास | 1510.1% | |
| 25 | किरण शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
| 26 | रामा शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 27 | अनिल कुमार त्रिपाठी ABBP | ABBP | 880.1% |
| 28 | राकेश उर्फ़ राकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 29 | राम बृक्ष निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 590.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को सिर्फ़ 60% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.64 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कौड़ीराम से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 45.9% से बढ़कर 50.3% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974ध्रुव नारायण सिंह (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 1977रविंदर (JNP), जीत का अंतर 17.4%
- 1980गौरी देवी (JNP(JP)), जीत का अंतर 11.1%
- 1985लाल चन्द निषाद (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1989गौरी देवी (JD), जीत का अंतर 36.0%
- 1991लाल चन्द निषाद (INC), जीत का अंतर 3.8%
- 1993अम्बिका सिंह (IND), जीत का अंतर 1.8%
- 1996गौरी देवी (SP), जीत का अंतर 7.1%