खलीलाबादविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
राम प्रकाश (BJP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 36.1% वोट पाकर खलीलाबाद सीट जीती और भगवान दास (BSP) को 998 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 177 नौगढ़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 177 श्यामदेउरवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
खलीलाबाद का फ़ैसला सिर्फ़ 0.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 998 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम प्रकाश | 41,42336.1% | |
| 2 | भगवान दास | 40,42535.2% | |
| 3 | राम लखन जनता दल | जनता दल | 21,60818.8% |
| 4 | राम मूरत | 7,2566.3% | |
| 5 | सुरेश | 2,0621.8% | |
| 6 | राम धनी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0530.9% |
| 7 | राज बली BRP | BRP | 8050.7% |
| 8 | जठू निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खलीलाबाद से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 27.7% से बढ़कर 36.1% हो गया। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 43.4% से बढ़कर 53.7% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट JD ने जीती।
- 1974लालू राम (INC), जीत का अंतर 10.0%
- 1977राम आसरे (JNP), जीत का अंतर 26.5%
- 1980राम आसरे पासवान (JNP(SC)), जीत का अंतर 3.4%
- 1985द्वारिका (INC), जीत का अंतर 19.6%
- 1989राम आसरे पासवान (JD), जीत का अंतर 16.8%
- 1991राम चरित्तर (BJP), जीत का अंतर 0.9%
- 1993राम प्रकाश (BJP), जीत का अंतर 0.9%
- 1996राम आसरे पासवान (JD), जीत का अंतर 2.2%