सुल्तानपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
बरकत अली खान (SP) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर सुल्तानपुर सीट जीती और राम प्यारे शुक्ला (BJP) को 13,707 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 125 इसौली थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 125 हैदरगढ़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बरकत अली खान SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | SP-BSP alliance ('Mile Mulayam-Kanshi Ram'), Uttar Pradesh 1993 | 57,24845.9% |
| 2 | राम प्यारे शुक्ला | 43,54134.9% | |
| 3 | मुईद अहमद | 17,31513.9% | |
| 4 | जीशान हुसैन निर्दलीय | निर्दलीय | 6680.5% |
| 5 | उमेश निर्दलीय | निर्दलीय | 4400.3% |
| 6 | अरविन्द कुमार शर्मा उर्फ़ अरविन्द राही | 4390.3% | |
| 7 | झगरू चौरसिया निर्दलीय | निर्दलीय | 4300.3% |
| 8 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3880.3% |
| 9 | बलदेव सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.3% |
| 10 | संजीव निर्दलीय | निर्दलीय | 3290.3% |
| 11 | राम यश निर्दलीय | निर्दलीय | 3060.3% |
| 12 | बंशराज निर्दलीय | निर्दलीय | 3000.2% |
| 13 | जय प्रकाश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2740.2% |
| 14 | अशोक | 2740.2% | |
| 15 | अमीर अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 2710.2% |
| 16 | अशोक कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2610.2% |
| 17 | राम सुमेर JP | JP | 2470.2% |
| 18 | राम दुलार मौर्य निर्दलीय | निर्दलीय | 2430.2% |
| 19 | मिथिलेश सिंह Bharatiya Jan Sabha | Bharatiya Jan Sabha | 2310.2% |
| 20 | असलम निर्दलीय | निर्दलीय | 2300.2% |
| 21 | करुणा शंकर तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.1% |
| 22 | मान मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 23 | मोबीन निर्दलीय | निर्दलीय | 1230.1% |
| 24 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 25 | कुंवर बहादुर सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 26 | राम चन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 27 | राम यश निर्दलीय | निर्दलीय | 770.1% |
| 28 | श्रवण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 720.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SP, BJP और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.84 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तानपुर से कौन जीता, 1974–1996
SP ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह SP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1991 के 43.3% से बढ़कर 53.2% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1974जितेन्द्र कुमार (BJS), जीत का अंतर 4.7%
- 1977जितेन्द्र कुमार अग्रवाल (JNP), जीत का अंतर 38.4%
- 1980मोईद अहमद (INC(I)), जीत का अंतर 22.7%
- 1985मुईद अहमद (INC), जीत का अंतर 12.7%
- 1989मुईद अहमद (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1991राम प्यारे शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 11.0%
- 1993बरकत अली खान (SP), जीत का अंतर 11.0%
- 1996सूर्य भान (BJP), जीत का अंतर 7.5%