इसौलीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
इन्द्र भद्र सिंह (निर्दलीय) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 37.8% वोट पाकर इसौली सीट जीती और ओम प्रकाश पाण्डेय (BJP) को 11,224 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 124 जगदीशपुर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 124 सिद्धौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
27 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इन्द्र भद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 39,28037.8% |
| 2 | ओम प्रकाश पाण्डेय | 28,05627.0% | |
| 3 | राम सुमेर यादव वाम दल | वाम दल | 18,02517.3% |
| 4 | आनन्द सेन वाम दल | वाम दल | 11,07510.7% |
| 5 | राज करण सिंह | 2,9252.8% | |
| 6 | गिरिजेश निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.4% |
| 7 | राम चरित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3780.4% |
| 8 | इन्द्रसेन चतुर्वेदी JP | JP | 3470.3% |
| 9 | रामा कान्त Bharatiya Jan Sabha | Bharatiya Jan Sabha | 3430.3% |
| 10 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.3% |
| 11 | बीरेन्द्र सिंह | 3110.3% | |
| 12 | देव प्रसाद सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2960.3% |
| 13 | जितेन्द्र प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 2680.3% |
| 14 | राम शेखर निर्दलीय | निर्दलीय | 2620.3% |
| 15 | राम सजीवन निर्दलीय | निर्दलीय | 2220.2% |
| 16 | राम बरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1960.2% |
| 17 | मुकेश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1740.2% |
| 18 | अरुण कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
| 19 | श्याम लाल BRP | BRP | 1590.1% |
| 20 | दयाशंकर दुबे निर्दलीय | निर्दलीय | 1520.1% |
| 21 | इक़रामुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.1% |
| 22 | अब्दुल माबूद निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
| 23 | राम सूरत निर्दलीय | निर्दलीय | 1080.1% |
| 24 | विपिन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 910.1% |
| 25 | दुर्गा प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 860.1% |
| 26 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 530.1% |
| 27 | विजय कुमार मिश्रा | 400.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.88 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इसौली से कौन जीता, 1974–1996
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1991 के 39.1% से बढ़कर 50.7% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट BSP ने जीती।
- 1974अम्बिका प्रसाद सिंह (INC), जीत का अंतर 15.1%
- 1977राम बरन वर्मा (JNP), जीत का अंतर 20.2%
- 1980श्रीपत मिश्र (INC(I)), जीत का अंतर 4.7%
- 1985जय नारायण तिवारी (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1989इन्द्र भद्र (JD), जीत का अंतर 4.0%
- 1991ओम प्रकाश पाण्डेय (BJP), जीत का अंतर 8.3%
- 1993इन्द्र भद्र सिंह (IND), जीत का अंतर 10.8%
- 1996जय नारायण तिवारी (BSP), जीत का अंतर 4.0%