मिश्रिखविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राम रतन सिंह (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 30.4% वोट पाकर मिश्रिख सीट जीती और अनूप कुमार गुप्ता (JP) को 5,989 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में भी सीट नंबर 81 का नाम मिश्रिख था, तब सीमाएँ पुरानी थीं। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 81 पुरवा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
20 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम रतन सिंह | 27,34630.4% | |
| 2 | अनूप कुमार गुप्ता JP | JP | 21,35723.7% |
| 3 | शिव मंगल त्रिवेदी | 15,08916.8% | |
| 4 | निसार हुसैन | 12,35313.7% | |
| 5 | गिरेंद्र कुमार जनता दल | जनता दल | 7,2138.0% |
| 6 | सूरज प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4171.6% |
| 7 | युगराज | 1,1801.3% | |
| 8 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 8020.9% |
| 9 | नरेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5590.6% |
| 10 | शिव दयाल UPRP | UPRP | 4570.5% |
| 11 | राज कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 3960.4% |
| 12 | मुजीब गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 3050.3% |
| 13 | याक़ूब बेग निर्दलीय | निर्दलीय | 2860.3% |
| 14 | नत्थू लाल आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 2750.3% |
| 15 | शिव मंगल निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.2% |
| 16 | राम औतार BLMD | BLMD | 2040.2% |
| 17 | संतोष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1560.2% |
| 18 | प्रेम नारायण गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1450.2% |
| 19 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 20 | सीता राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1320.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.94 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मिश्रिख से कौन जीता, 1974–1996
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1985 में जीत दर्ज की थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 55.8% से घटकर 49.8% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974राम रतन सिंह (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1977राम रतन सिंह (INC), जीत का अंतर 1.1%
- 1980राम रतन सिंह (INC(I)), जीत का अंतर 16.0%
- 1985राम रतन सिंह (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1989ओम प्रकाश गुप्ता (IND), जीत का अंतर 18.0%
- 1991राम रतन सिंह (INC), जीत का अंतर 6.7%
- 1993ओम प्रकाश गुप्ता (SP), जीत का अंतर 23.9%
- 1996ओम प्रकाश गुप्ता (SP), जीत का अंतर 7.0%