कर्णप्रयागविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रमेश पोखरियाल निशंक (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर कर्णप्रयाग सीट जीती और शिवा नन्द नौटियाल (INC) को 3,776 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 6 पौड़ी थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 6 बिजनौर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेश पोखरियाल निशंक | 29,91342.6% | |
| 2 | शिवा नन्द नौटियाल | 26,13737.2% | |
| 3 | सुरेन्द्र पाल सिंह जनता दल | जनता दल | 5,2927.5% |
| 4 | गोपाल दत्त पन्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7362.5% |
| 5 | धूमी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5782.3% |
| 6 | बसंत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4122.0% |
| 7 | दीन सिंह उर्फ मेजर डी.डी.एस. रावत JP | JP | 1,1711.7% |
| 8 | हुकुम सिंह UKD | UKD | 1,1611.6% |
| 9 | शिदू लाल | 6530.9% | |
| 10 | मंगला कोठियाल निर्दलीय | निर्दलीय | 4130.6% |
| 11 | पंचम सिंह | 3750.5% | |
| 12 | भारत सिंह रावत निर्दलीय | निर्दलीय | 2340.3% |
| 13 | कुल नन्द जोशी निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कर्णप्रयाग से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 46.5% से घटकर 45.1% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974शिवा नन्द नौटियाल (INC), जीत का अंतर 48.1%
- 1977शिवानंद नौटियाल (JNP), जीत का अंतर 48.2%
- 1980शिवा नन्द नौटियाल (IND), जीत का अंतर 56.7%
- 1985शिवा नन्द नौटियाल (LKD), जीत का अंतर 9.0%
- 1989शिवानंद (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 1991रमेश पोखरियाल निशंक (BJP), जीत का अंतर 5.4%
- 1993रमेश पोखरियाल निशंक (BJP), जीत का अंतर 0.3%
- 1996रमेश पोखरियाल निशंक (BJP), जीत का अंतर 12.8%