सासनीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
हरि शंकर मधरे (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 44.9% वोट पाकर सासनी सीट जीती और रमेश करण (JD) को 17,956 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 369 गोकुल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 369 शिकारपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हरि शंकर मधरे 23.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हरि शंकर मधरे | 34,95644.9% | |
| 2 | रमेश करण जनता दल | जनता दल | 17,00021.9% |
| 3 | राम बहादुर | 10,49613.5% | |
| 4 | तालेवर सिंह | 9,08611.7% | |
| 5 | कृष्ण गोपाल JP | JP | 3,7454.8% |
| 6 | सुरेश चन्द निर्मल निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.7% |
| 7 | रतन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.7% |
| 8 | विजय पाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2920.4% |
| 9 | शकुन्तला देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.3% |
| 10 | निहाल सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 11 | भोजराज निर्दलीय | निर्दलीय | 1480.2% |
| 12 | खचेर मल गांधी निर्दलीय | निर्दलीय | 1420.2% |
| 13 | वीरेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1120.1% |
| 14 | बनवारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1010.1% |
| 15 | नेत्र पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 870.1% |
| 16 | बाबू लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 17 | विनोद कुमार निम निर्दलीय | निर्दलीय | 740.1% |
| 18 | संतोष सिंह आजाद निर्दलीय | निर्दलीय | 190.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.52 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सासनी से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 40.8% से बढ़कर 43.6% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974धर्मपाल सिंह (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 1977बंगाली सिंह (JNP), जीत का अंतर 28.3%
- 1980डॉ. धर्म पाल (INC(I)), जीत का अंतर 1.5%
- 1985बंगाली सिंह (LKD), जीत का अंतर 24.0%
- 1989रमेश करण (JD), जीत का अंतर 24.6%
- 1991हरि शंकर मधरे (BJP), जीत का अंतर 23.1%
- 1993हरि शंकर माहौर (BJP), जीत का अंतर 22.1%
- 1996हरि शंकर माहौर (BJP), जीत का अंतर 4.9%