मथुराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
रविकान्त गर्ग (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर मथुरा सीट जीती और प्रदीप माथुर (INC) को 22,207 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 363 खेरागढ़ थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 363 खुर्जा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रविकान्त गर्ग 23.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
36 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविकान्त गर्ग | 45,75347.9% | |
| 2 | प्रदीप माथुर | 23,54624.7% | |
| 3 | नरेन्द्र सिंह जनता दल | जनता दल | 18,21419.1% |
| 4 | जय प्रकाश यादव JP | JP | 2,7582.9% |
| 5 | रामजी लाल | 1,8872.0% | |
| 6 | पूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.7% |
| 7 | भूपेंद्रस निर्दलीय | निर्दलीय | 4180.4% |
| 8 | हरि ओम निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.3% |
| 9 | सुरेश निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.2% |
| 10 | रतन लाल UPRP | UPRP | 2250.2% |
| 11 | रघु राज सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1820.2% |
| 12 | राजेश कुमार उर्फ़ राजा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1580.2% |
| 13 | स्वामी नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1510.2% |
| 14 | श्याम निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 15 | श्री कृष्ण निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 16 | रमन लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
| 17 | जुगल किशोर निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 18 | बालकिशन निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 19 | निसात अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 680.1% |
| 20 | नेत्रपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 21 | मोहन सिंह | 580.1% | |
| 22 | रज्जो निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 23 | राम सुमिरन | 560.1% | |
| 24 | संतोष कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 330.0% |
| 25 | भीम सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 26 | वीरेंद्र प्रताप निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 27 | सूरज भान शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 270.0% |
| 28 | पद्मनाभ निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 29 | वीरेंद्र चतुर्वेदी निर्दलीय | निर्दलीय | 230.0% |
| 30 | रीना निर्दलीय | निर्दलीय | 180.0% |
| 31 | राम बाबू निर्दलीय | निर्दलीय | 170.0% |
| 32 | विजय कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 150.0% |
| 33 | बृजेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 140.0% |
| 34 | आऊ निर्दलीय | निर्दलीय | 110.0% |
| 35 | भगवान सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 90.0% |
| 36 | जय करण महावर निर्दलीय | निर्दलीय | 80.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मथुरा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.3% से बढ़कर 47.9% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1989 के 45.1% से घटकर 44.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974राम बाबू आर./ओ. चुना कंकर (INC), जीत का अंतर 9.6%
- 1977कन्हैया लाल (JNP), जीत का अंतर 26.7%
- 1980दयाल कृष्ण (INC(I)), जीत का अंतर 19.1%
- 1985प्रदीप माथुर (INC), जीत का अंतर 8.0%
- 1989रवि कान्त गर्ग (BJP), जीत का अंतर 5.5%
- 1991रविकान्त गर्ग (BJP), जीत का अंतर 23.3%
- 1993राम स्वरूप (BJP), जीत का अंतर 12.4%
- 1996राम स्वरूप शर्मा (BJP), जीत का अंतर 5.1%