इटावाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
अशोक दुबे (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर इटावा सीट जीती और जयवीर सिंह (JP) को 15,595 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 304 बिल्हौर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 304 नरैनी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — अशोक दुबे 16.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
34 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अशोक दुबे | 40,85143.9% | |
| 2 | जयवीर सिंह JP | JP | 25,25627.1% |
| 3 | लाल सिंह लोधी | 13,05514.0% | |
| 4 | सुधींद्र भदौरिया | 8,2478.9% | |
| 5 | प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 6700.7% |
| 6 | राकेश तोमर जनता दल | जनता दल | 6560.7% |
| 7 | करण सिंह गोयल UPRP | UPRP | 6200.7% |
| 8 | पुजारी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 5220.6% |
| 9 | वीरेन्द्र सिंह कुशवाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 5080.6% |
| 10 | फतेह जे. सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2270.2% |
| 11 | शैलेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 12 | प्रताप सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
| 13 | अशोक कुमार पुत्र नरेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1650.2% |
| 14 | मोहन निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 15 | अहिबरन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 16 | बाबू राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.2% |
| 17 | बाबा राम सूरज सिंह यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 18 | जगत सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1290.1% |
| 19 | राम सेवक निर्दलीय | निर्दलीय | 1280.1% |
| 20 | बाबू सिंह | 1220.1% | |
| 21 | जितेन्द्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1110.1% |
| 22 | गिरीश सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 23 | सुश्वेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 24 | काका जोगिंदर सिंह उर्फ़ धरती पकड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 25 | राकेश कनौजिया निर्दलीय | निर्दलीय | 820.1% |
| 26 | शिव नाथ सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
| 27 | राकेश कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
| 28 | वहीदुल्लाह खान उर्फ़ कल्ली भाई निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
| 29 | छोटे निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
| 30 | सुमेंद्र सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 31 | अशोक कुमार पुत्र कायम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 490.1% |
| 32 | राम प्रकाश गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 33 | विष्णु निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 34 | छोटे लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 360.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.40 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इटावा से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1989 के 44.4% से बढ़कर 45.2% हो गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट SP ने जीती।
- 1974सुखदा मिश्र (INC), जीत का अंतर 14.8%
- 1977सत्य देव त्रिपाठी (JNP), जीत का अंतर 20.1%
- 1980सुखदा मिश्र (INC(I)), जीत का अंतर 35.2%
- 1985सुखदा मिश्रा (INC), जीत का अंतर 16.6%
- 1989सुखदा मिश्रा (JD), जीत का अंतर 22.4%
- 1991अशोक दुबे (BJP), जीत का अंतर 16.8%
- 1993जयबीर सिंह भदौरिया (SP), जीत का अंतर 7.4%
- 1996जयवीर सिंह भदौरिया (BJP), जीत का अंतर 14.8%