चौबेपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सोम नाथ शुक्ला (BJP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 29.4% वोट पाकर चौबेपुर सीट जीती और हरि किशन (JP) को 2,003 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 298 सरसौल थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 298 मोहम्मदाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सोम नाथ शुक्ला 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
28 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोम नाथ शुक्ला | 26,44529.4% | |
| 2 | हरि किशन JP | JP | 24,44227.1% |
| 3 | सोने लाल पटेल | 18,42420.4% | |
| 4 | बुद्ध लाल वर्मा जनता दल | जनता दल | 12,36213.7% |
| 5 | राम नारायण त्रिपाठी | 3,4973.9% | |
| 6 | देवेन्द्र | 1,0051.1% | |
| 7 | नरेश मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 5050.6% |
| 8 | राजेन्द्र प्रसाद निर्दलीय | निर्दलीय | 3770.4% |
| 9 | विश्व नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3610.4% |
| 10 | राम बाबू पुत्र कन्हैया लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 3370.4% |
| 11 | प्रेम नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 3280.4% |
| 12 | शिव शंकर निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 13 | राज कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2140.2% |
| 14 | देव नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1700.2% |
| 15 | रण बाबू पुत्र चन्दन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1620.2% |
| 16 | पवन कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.2% |
| 17 | विजय प्रकाश अग्निहोत्री निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 18 | राम कृष्ण तिवारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1410.2% |
| 19 | राज नारायण निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 20 | जोधा राम निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
| 21 | श्री गुल खान आजाद SOP(L) | SOP(L) | 950.1% |
| 22 | विमला यादव MDL | MDL | 900.1% |
| 23 | शिवा कुमार सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 24 | लक्ष्मी नारायण यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 840.1% |
| 25 | रामेश्वर | 740.1% | |
| 26 | ओम प्रकाश निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 27 | रईस अहमद निर्दलीय | निर्दलीय | 390.0% |
| 28 | भूधर नारायण मिश्रा निर्दलीय | निर्दलीय | 380.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.50 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौबेपुर से कौन जीता, 1974–1996
BJP ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1989 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1974 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। 1974 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1989 के 58.8% से घटकर 49.3% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1974जगदीश अवस्थी (INC), जीत का अंतर 11.4%
- 1977हरि कृष्ण श्रीवास्तव (JNP), जीत का अंतर 19.8%
- 1980हरिकिशन श्रीवास्तव (JNP(SC)), जीत का अंतर 9.8%
- 1985नेकचन्द्र पाण्डेय (INC), जीत का अंतर 17.3%
- 1989हरि किशन (JD), जीत का अंतर 29.7%
- 1991सोम नाथ शुक्ला (BJP), जीत का अंतर 2.2%
- 1993हरि किशन (BJP), जीत का अंतर 2.2%
- 1996हरिकिशन (BSP), जीत का अंतर 5.3%