राजपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
राम स्वरूप वर्मा (SSD) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 31.4% वोट पाकर राजपुर सीट जीती और चौधरी नरेन्द्र सिंह (INC) को 12,860 वोटों से हराया।
1974 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1969 में सीट नंबर 296 गोविंदनगर थी। उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद, 2002 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2002 से सीट नंबर 296 फ़र्रुखाबाद है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.8% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
24 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राम स्वरूप वर्मा SSD | SSD | 27,22331.4% |
| 2 | चौधरी नरेन्द्र सिंह | 14,36316.6% | |
| 3 | बन्ने खान | 12,83914.8% | |
| 4 | विशम्भर सिंह | 12,14814.0% | |
| 5 | राजेन्द्र सिंह JP | JP | 9,60411.1% |
| 6 | अमर सिंह कुशवाहा | 6,8867.9% | |
| 7 | विश्राम सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 7520.9% |
| 8 | कमलेश निर्दलीय | निर्दलीय | 4200.5% |
| 9 | सुरेश चन्द्र कटियार निर्दलीय | निर्दलीय | 3360.4% |
| 10 | दशरथ सिंह सचान निर्दलीय | निर्दलीय | 2570.3% |
| 11 | राम नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.3% |
| 12 | नरेन्द्र सिंह सचान निर्दलीय | निर्दलीय | 2250.3% |
| 13 | कान्ति देवी MDL | MDL | 2100.2% |
| 14 | कृष्ण चन्द्र कटियार निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 15 | राधे लाल यादव | 1400.2% | |
| 16 | अनिल कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1330.1% |
| 17 | आज़म निर्दलीय | निर्दलीय | 1310.1% |
| 18 | लखन सिंह निर्दलीय | निर्दलीय | 1210.1% |
| 19 | विनोद कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1060.1% |
| 20 | राम नरेश कटियार निर्दलीय | निर्दलीय | 1030.1% |
| 21 | देवेन्द्र नाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1000.1% |
| 22 | अवधेश शुक्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 970.1% |
| 23 | अर्जुन सिंह निषाद निर्दलीय | निर्दलीय | 420.1% |
| 24 | रवेन्द्र निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.37 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2012 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2012 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राजपुर से कौन जीता, 1974–1996
SSD ने 1989 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.6% से घटकर 31.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 1989 के 52.4% से घटकर 46.5% रह गया। इसके बाद 1993 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1974रणधीर सिंह (SSD), जीत का अंतर 7.5%
- 1977अश्वनी कुमार चतुर्वेदी राकेश (JNP), जीत का अंतर 0.7%
- 1980राम स्वरूप वर्मा (SSD), जीत का अंतर 5.9%
- 1985चौधरी नरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 5.0%
- 1989राम स्वरूप वर्मा (SSD), जीत का अंतर 26.9%
- 1991राम स्वरूप वर्मा (SSD), जीत का अंतर 14.8%
- 1993चौधरी नरेन्द्र सिंह (INC), जीत का अंतर 2.6%
- 1996चौधरी नरेन्द्र सिंह (BSP), जीत का अंतर 1.7%